पांडुलिपि प्रस्तुतिकरण दिशानिर्देश
रिसर्च इन्क्वायरी एक सहकर्मी-समीक्षित, बहुविषयक शैक्षणिक पत्रिका है, जो अंग्रेज़ी और हिन्दी भाषाओं में मौलिक विद्वतापूर्ण शोध के प्रकाशन के लिए समर्पित है। लेखकों को ऐसे शोध-पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिनमें नवीन शोध, समालोचनात्मक विमर्श, सैद्धांतिक प्रगति तथा/अथवा पत्रिका के दायरे से संबंधित अंतर्विषयक दृष्टिकोण सम्मिलित हों।
पांडुलिपि प्रस्तुत करने से पूर्व लेखकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी पांडुलिपि पत्रिका के संपादकीय, नैतिक तथा प्रारूपण मानकों को पूरा करती है।
प्रस्तुतिकरण हेतु पात्रता
पत्रिका में प्रस्तुत किए जाने वाले लेखों के लिए निम्नलिखित आवश्यकताएँ हैं:
- पांडुलिपि मौलिक और अप्रकाशित कार्य होनी चाहिए।
- वह किसी अन्य पत्रिका अथवा प्रकाशन के विचाराधीन नहीं होनी चाहिए।
- वह रिसर्च इन्क्वायरी के दायरे के अंतर्गत आती हो।
- वह शोध और प्रकाशन नैतिकता के स्वीकृत मानकों का पालन करती हो।
- वह अंग्रेज़ी अथवा हिन्दी भाषा में प्रस्तुत की गई हो।
पांडुलिपि में दी गई जानकारी, आँकड़ों, संदर्भों तथा निष्कर्षों की शुद्धता के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
पांडुलिपि की तैयारी
प्रत्येक लेखक इस बात के लिए उत्तरदायी है कि वह संबंधित पत्रिका के प्रारूप तथा प्रस्तुतिकरण दिशानिर्देशों के अनुसार अपनी पांडुलिपि तैयार करे। एक पूर्ण पांडुलिपि में निम्नलिखित तत्व सम्मिलित होने चाहिए:
- पांडुलिपि का शीर्षक
- लेखक (लेखकों) का नाम एवं संस्थागत संबद्धता
- सारांश
- मुख्य शब्द
- मुख्य पाठ
- संदर्भ सूची
- सारणियाँ, चित्र अथवा आरेख (जहाँ लागू हो)
लेखकों की यह जिम्मेदारी है कि सभी उद्धरण और संदर्भ पूर्ण, सटीक तथा एक समान प्रारूप में प्रस्तुत किए गए हों।
नैतिक आवश्यकताएँ
पांडुलिपि प्रस्तुत करके लेखक इस बात से सहमत होते हैं कि:
- प्रस्तुत कार्य मौलिक है।
- सभी लेखकों ने पांडुलिपि प्रस्तुत करने की स्वीकृति प्रदान की है।
- सभी स्रोतों को उचित रूप से स्वीकार और उद्धृत किया गया है।
- हितों के किसी भी संभावित टकराव का खुलासा किया गया है।
- कॉपीराइट सामग्री के उपयोग हेतु आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त कर ली गई हैं।
पत्रिका साहित्यिक चोरी, डेटा निर्माण, डेटा की मिथ्याकरण अथवा किसी भी प्रकार की शैक्षणिक बेईमानी से युक्त पांडुलिपियों को स्वीकार नहीं करती है।
समीक्षा और संपादकीय प्रक्रिया
सभी प्रस्तुत पांडुलिपियों का प्रारम्भिक मूल्यांकन संपादकीय टीम द्वारा किया जाता है तथा आवश्यक होने पर उन्हें सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है। संपादकीय टीम निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर पांडुलिपियों का मूल्यांकन करती है:
- मौलिकता
- विषय के प्रति प्रासंगिकता
- कार्यप्रणाली की सुदृढ़ता
- प्रस्तुति की स्पष्टता
- विद्यमान ज्ञान में योगदान
अंतिम निर्णय से पूर्व लेखकों से संपादकों अथवा समीक्षकों की टिप्पणियों के आधार पर पांडुलिपि में संशोधन करने का अनुरोध किया जा सकता है।
प्रस्तुतिकरण जाँच सूची
लेखकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि:
- पांडुलिपि पत्रिका के दायरे के अंतर्गत आती हो।
- पांडुलिपि निर्धारित प्रारूप का पालन करती हो।
- सभी संदर्भ और उद्धरण पूर्ण हों।
- सारांश तथा मुख्य शब्द सम्मिलित किए गए हों।
- लेखक संबंधी विवरण सही हों।
- पांडुलिपि प्रकाशन नैतिकता की आवश्यकताओं का पालन करती हो।
संभावित लेखकों के लिए
पांडुलिपि प्रस्तुत करने से पूर्व लेखकों को सलाह दी जाती है कि वे पत्रिका की नीतियों, लेखक दिशानिर्देशों तथा प्रकाशन नैतिकता से संबंधित आवश्यकताओं का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें। इन आवश्यकताओं का पालन संपादकीय तथा सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने में सहायता प्रदान करता है।