आधुनिक परिप्रेक्ष्य में अनुसूचित जनजातियों की स्थिति में परिवर्तन

Authors

  • डॉ. सब्बल पटेल असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षा संकाय, आई.ई.एस विश्वविद्यालय, भोपाल(म.प्र.) Author

Keywords:

राजनीति में अनुसूचित जनजातियों की सहभागिता, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक दशा।

Abstract

सारांश : सार्वभौगिक रूप से अनूसूचित जनजाति आदिवासियों के बीच गरीबी से पीड़ित स्थिति के
रूप में देखा जाता है। स्वायत्तता राज्य का स्तर और महत्वाकांक्षा के लिए संघर्षों ने पहचान के
सवालों को केन्द्र में रखा है। सरकार के लिए मुख्य कानून और व्यवस्था व समाधान आमतौर पर
सैन्य पैक्स पर माना जाता है। समकालीन जनजातियों की राजनीति को समझने के लिये पूर्व
औपनिवेशिक काल में जब पहाड़ी और मैदानी लोगों ने विभिन्न पारिस्थितिक, सामाजिक और
राजनीतिक स्थानों पर कब्जा कर लिया था, को पहचाना और जानना होगा। अकसर दोनों के बीच
काफी व्यापार और यहाँ तक कि अतंर्विवाह भी होते थे। मध्य और उत्तर पूर्वी भारत दोनों में
समाजशास्त्रीय और ज्ञान मीमांसीय समावेशन तथा भारत में आदिवासियों का चरित्र चित्रण अफ्रीका
के समान था। वर्तमान समय में अनुसूचित जनजाति समाज आर्थिक, राजनीतिक में सहभागिता दे
रहे हैं। पहले के विचारों से अब विचारधाराओं में थोड़ा बदलाव हुआ है, किन्तु फिर भी अनुसूचित
जानजातियों की संख्या पिछड़ी हुई है। उन्हें भी राजनीतिक में भाग लेना चाहिए ताकि उनका
विकास मनोबल उच्चतम हो सकें और वें अपने विचारों को रख सके अपने मूल्यों को पहचान सके।

Author Biography

  • डॉ. सब्बल पटेल, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षा संकाय, आई.ई.एस विश्वविद्यालय, भोपाल(म.प्र.)



References

डॉ.ब्रहदेव शर्मा (1994), मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी रवीन्द्रनाथ ठाकुर मार्ग भोपाल

4642003, प्राची प्रकाशन नई दिल्ली।

डॉ. धर्मवीर महाजन एवं डॉ. कमलेश महाजन (2007), विवेक प्रकाशन 7 यूए. जवाहर नगर

दिल्ली।

डॉ. हरि प्रसाद जोशी (1994), मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी रवीन्द्रनाथ ठाकुर मार्ग

भोपाल।

भारत के आर्थिक विकास में अनुसूचित जाति एवं जनजाति को वर्तमान स्थिति का एक

विशेष अध्ययन, चांद, प्रकाशन नई दिल्ली, 2010, पृ. 84.

देव प्रकाश (2020), जातिगत समाज शास्त्र ओमेगा पब्लिकेशन 4378 4 B,G-4 जे.एम.डी.

हाऊस गली मुरारी लाल अंसारी रोड दरियागंज नई दिल्ली-110002

जनजातिय समाज का समाज शास्त्र (1994), मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी रवीन्द्रनाथ

461003

Downloads

Published

2026-08-22

Issue

Section

Articles

How to Cite

आधुनिक परिप्रेक्ष्य में अनुसूचित जनजातियों की स्थिति में परिवर्तन. (2026). RESEARCH INQUIRY, 1(1), 11-15. https://researchinquiry.com/index.php/ri/article/view/4