आधुनिक परिप्रेक्ष्य में डिजिटल शिक्षा : एक समीक्षात्मक अध्ययन
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स्वयं पोर्टल##common.commaListSeparator## स्वयंप्रभा##common.commaListSeparator## स्मार्टफोन##common.commaListSeparator## जूम##common.commaListSeparator## गूगल मीट##common.commaListSeparator## युटुब लाइव##common.commaListSeparator## फेसबुक माइंडस्पार्क और कोरसेरासार
सारांश : वर्तमान समय में सूचना एवं संचार तकनीकी के फलस्वरूप इंटरनेट के माध्यम से लैपटॉप,
डेस्कटॉप स्मार्टफोन, द्वारा व्हाट्सएप, वेबएक्स, जूम, गूगल मीट, युटुब लाइव, फेसबुक लाइव, आदि
लर्निंग प्लैटफार्म के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। ई लर्निंग के तहत वर्चुअल कक्षा,
ऑडियो वीडियो सामग्री, यूट्यूब वीडियो, ऑनलाइन प्रस्तुतियां, पाठ्यक्रम ट्यूटोरियल के साथ
मॉक-टेस्ट, बेबीनार, वीडियो काउंसलिंग जैसी ऑनलाइन गतिविधियां संचालित हो रही है।
ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में अनएकेडमी, बाईजूस, वेदान्तु, माइंडस्पार्क और कोरसेरा जैसे ऑनलाइन
प्लेटफॉर्म का उदय हुआ है। सरकार द्वारा ऑनलाइन शैक्षिक चैनलों शिक्षा मंच, स्वयं पोर्टल,
स्वयंप्रभा, डीटीएच टीवी चैनल, द्वारा स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और व्यवसायिक पाठ्यक्रम के बारे में
विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही दीक्षा पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा स्तर
तक की पढ़ाई तथा प्रशिक्षण सामग्री जो शिक्षकों से संबंधित है के साथ-साथ अध्ययन सामग्री भी
उपलब्ध है। एनसीईआरटी द्वारा पाठशाला लर्निंग एप शुरू किया गया है जिसमें 12वीं तक की
पुस्तकों को कई भापाओं में अपलोड किया गया है। ई पी०जी० पाठशाला की शुरुआत मानव
संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा परास्नातक छात्रों के लिए की गई है साथ ही शोधगंगा ने शोध की
ऑनलाइन सामग्री उपलब्ध कराने में महती भूमिका निभाई है। शिक्षा के क्षेत्र यह एक क्रांति है
जिसमें डिजिटल गजेट्स, इंटरनेट और तकनीकी से सुसज्जित एवं उसमें दक्ष शिक्षक भागीदार होते
हैं। पर तकनीकी प्राप्ति की कुछ अपनी सीमायँ है इसलिए जितनी मात्रा में भौतिक, तकनीकी और
मानवीय संसाधनों की आवश्यकता है। उसे पूरा करने के लिए सरकारी तथा निजी क्षेत्र को समवेत
प्रयास करना होगा जिसमें और समय लगने की संभावना है। हमारे देश ऑनलाइन शिक्षा प्रदान
करने के रास्ते में अनेक बाधाएं हैं जिनमें सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन, टैबलेट,
लैपटॉप, कंप्यूटर की सुविधा का ना होना, इंटरनेट ब्रॉडबैंड का सुचारू और तेज गति से उपलब्ध
ना होना, ऑनलाइन शैक्षिक अप्लीकेशन की जानकारी न होना, ऐप की जानकारी ना होना,
डिजिटल पुस्तकालयों की अनुपलब्धता, आदि शैक्षिक असमानताएं, सामाजिक विभेद को और बढ़ा
सकता है। इसलिए इस ओर तकनीकी विकास के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच को भी सुनिश्चित
करने की अत्यधिक आवश्यकता है।
संदर्भ
Jindal Aman, Challenges and opportunities for online education in india, Pramana research journal.
https%//vimarsh-org/online&education&challenges&and&opportunities/
https%//wwworfonlineorg/hindi/research/the&need&and&challenges&of&online&e ducation&in&covid&19&era/
https%//hinditheprintin/opinion/many&challenges&before&online&education&but &new&education&policy&can&open&the&way&for&its&solution/160226/
https%//wwwjansattacom/politics/usefulness&of&technology&driven&education&in &india&has&got&a&new&dimension&during&the&pandemic/1790974/
International Journal of Education, Modern Management] Applied Science & Social Science, IJEMMASSS, 149 ISSN % 2581&9925, Impact Factor% 6-340, Volume 03] No- (04)October & December] 2021] pp-149&155
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