अभिलेखीकरण एवं संरक्षण नीति
विद्वतापूर्ण अभिलेखों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता
रिसर्च इन्क्वायरी शैक्षणिक अभिलेखों के संरक्षण के महत्व को स्वीकार करती है तथा विद्वतापूर्ण सामग्री के दीर्घकालिक संरक्षण की आवश्यकता को समझती है। पत्रिका यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रकाशित लेख भविष्य में भी शोधकर्ताओं, लेखकों और पाठकों के लिए उपलब्ध बने रहें।
डिजिटल अभिलेखीकरण एवं उपलब्धता
पत्रिका सभी प्रकाशित लेखों के अभिलेखीकरण और संरक्षण के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन प्रणाली का उपयोग करती है। प्रकाशित शोध-पत्र पत्रिका की वेबसाइट पर उपलब्ध रहते हैं तथा उनका निरंतर प्रसार, खोज और उपयोग विद्वतापूर्ण अनुसंधान की निरंतरता के लिए किया जा सकता है।
सामग्री का संरक्षण
पत्रिका प्रकाशित सामग्री के संरक्षण तथा उसके नुकसान, अनधिकृत परिवर्तन अथवा अनधिकृत हटाने की रोकथाम के लिए उचित प्रयास करती है। अभिलेखीकरण का उद्देश्य समय के साथ प्रकाशित अभिलेखों की प्रामाणिकता, सत्यनिष्ठा और उपलब्धता को बनाए रखना है।
प्रकाशित लेखों की स्थायी उपलब्धता
प्रकाशन के उपरांत, प्रत्येक लेख स्थायी रूप से विद्वतापूर्ण अभिलेख का एक भाग बन जाता है। पत्रिका का उद्देश्य प्रकाशित सामग्री को शैक्षणिक समुदाय के लिए संदर्भ, उद्धरण, शिक्षण और शोध उद्देश्यों के लिए उपलब्ध बनाए रखना है।
नीति की समीक्षा एवं अनुरक्षण
पत्रिका समय-समय पर अपनी अभिलेखीकरण एवं संरक्षण नीति तथा संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा और अद्यतन करती है, ताकि विद्वतापूर्ण सामग्री की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके तथा शैक्षणिक प्रकाशन की बदलती सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप रहा जा सके।
लेखकों के लिए
जो लेखक रिसर्च इन्क्वायरी में पांडुलिपि प्रस्तुत करते हैं, वे इस बात से सहमत होते हैं कि स्वीकृत एवं प्रकाशित लेख पत्रिका के स्थायी विद्वतापूर्ण अभिलेख का हिस्सा बनेंगे। लेखकों को सलाह दी जाती है कि पांडुलिपि प्रस्तुत करने से पूर्व इस नीति के साथ-साथ पत्रिका की प्रकाशन और संपादकीय नीतियों का भी अध्ययन करें।